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कम उमà¥à¤° में ही कà¥à¤¯à¤¾ आपका बीपी हाई रहता हैं? संà¤à¤² जाइठवरना हो सकते हैं इस बीमारी का शिकार
High BP Symptoms: 40 साल से कम उमà¥à¤° के लोगों को à¤à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, इसके कारण अलग-अलग हैं. यà¥à¤µà¤¾à¤“ठमें हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के सामानà¥à¤¯ कारण हैं. यहां जानें लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में...
High BP Symptoms: हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को अकà¥à¤¸à¤° वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में देखा जाता है. लोग पहली बार 50 और 60 की उमà¥à¤° में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का अनà¥à¤à¤µ करते हैं. लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ इसका मतलब यह है कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ केवल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लोगों के लिठही होती है? इसका सही जवाब नहीं है, यह समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है कि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ को कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है. विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ इस सबसे बड़े मिथक और इसके बाद होने वाले हृदय की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के खिलाफ बात की है. आज इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम बताà¤à¤‚गे कि कम उमà¥à¤° में बीपी हाई रहना किस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं.
40 साल से कम उमà¥à¤° के लोगों को à¤à¥€ हो सकती है हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾
यà¥à¤µà¤¾ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में हाई बीपी के कारण बहà¥à¤¤ अलग होते हैं
यà¥à¤µà¤¾ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के कारण बहà¥à¤¤ अलग होते हैं. यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में हाई बीपी का à¤à¤• उदाहरण हाइपरथायरायडिजà¥à¤® है, जिसमें टी3 और टी4 का सà¥à¤¤à¤° असाधारण रूप से उचà¥à¤š होता है. अनà¥à¤¯ कारणों में, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की धमनी उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, फियोकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾ या नà¥à¤¯à¥‚रोà¤à¤‚डोकà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ टà¥à¤¯à¥‚मर हैं जो अधिवृकà¥à¤• गà¥à¤°à¤‚थियों में पाठजाने वाले कà¥à¤°à¥‹à¤®à¤«à¤¿à¤¨ कोशिकाओं से बढ़ता है. रोजाना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ कम से कम 150 मिनट वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिà¤. जरूरी नहीं कि वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का मतलब जिम जाना ही हो, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दैनिक कामों जैसे सीढ़ियां चलना, उकड़ू होकर फरà¥à¤¶ को पोंछना आदि से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकता है.
6 रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª तब à¤à¥€ मायने रखता है जब आप यà¥à¤µà¤¾ होते हैं
यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आम है, जो 20 से 40 वरà¥à¤· की आयॠके 8 वयसà¥à¤•ों में से 1 को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है. यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हृदय और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के बारे में मिथक इतना पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है कि यà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤•ों को इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पता नहीं चलता है और यदि वे à¤à¤¸à¤¾ करते à¤à¥€ हैं, तो वे इसके बारे में चिंतित नहीं होते हैं और डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना छोड़ देते हैं. ये कारक यà¥à¤µà¤¾ लोगों में उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के जोखिम को बढ़ाते हैं. .यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को अपना रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नियमित रूप से जांचना चाहिà¤. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का कोई पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चेतावनी संकेत नहीं होता है और केवल बढ़े हà¥à¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली परेशानी से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ ही बाद के चरण में दिखाई देते हैं.
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